1. उत्तराखंड को उत्तराखंड किस ग्रंथ में कहा गया है?
A. महाभारत
B. स्कंद पुराण
C. ऋग्वेद
D. ऐतरेय ब्राह्मण
Ans- B
Note-
उत्तराखंड को ऋग्वेद में मनीषीयो की भूमि या देव भूमि कहा गया!
स्कंद पुराण में उत्तराखंड को ब्रह्मापुर,खशदेश, उत्तराखंड कहा गया है!
बौद्ध ग्रंथों में उत्तराखंड को हिमवंत रखा गया है!
महाभारत में गढ़वाल को स्वर्गभूमि बद्रिकाश्रम तपोभूमि कहा गया!
Important-
कौशिकी ब्राह्मण में लिखा गया है कि वाग्देवी का निवास स्थान बद्रिकाश्रम था यहां व्यास जी ने षष्टिलक्ष संहिता लिखि है!
2. द्वाराहाट के चंद्रेश्वर मंदिर के समीप चित्रों की खोज किसने की थी!
A. रिवेट कानक
B. हेनवुड
C. एमपी जोशी
D. यशोधर मठपाल
Ans- A
Note-
💗रिवेट कानक ने 1877 मैं द्वारा हटके चंद्रेश्वर मंदिर के समीप चलचित्र की खोज की जो यूरोप से प्राप्त शैल चित्रों के समान थे!
💗हेनवुड द्वारा 1856 में चंपावत के देवीधुरा में सर्वप्रथम कब मार्क्स खोजें इसे ही उत्तराखंड में प्रागैतिहासिक काल का पिता कहा जाता है!
💗लाखु गुफा की खोज सुयाल नदी(अल्मोड़ा) के तट पर1968 में एमपी जोशी ने की! इन्हें प्रागैतिहासिक काल की पहली खोज यशवंत सिंह कठौच ने कहा!
💗फडकानौली की खोज अल्मोड़ा में 1985 में यशोधर मठपाल ने तथा अल्मोड़ा में ही पेटसाल की खोज 1989 में यशोधर मठपाल ने की!
❤ यशोधर मठपाल नेतराम घाटी से शवागार और कपमार्क्स खोजें थे!
Important-
फलसीमा अल्मोड़ा से ही योग मुद्रा व नृत्य मुद्रा में मानव आकृतियां मिली है!
अल्मोड़ा के ल्वेथाप से हाथों में हाथ डालकर नृत्य करती हुई मानव आकृतियां मिली है तथा कसार देवी से 14 नृतकों की आकृतियां मिली!
3. निम्नलिखित में से कौन सा स्थल अल्मोड़ा जनपद में स्थित है?
A. धनगर
B. नैनीपातल
C. खेखड
D. A और C
Ans- D
Note-
🏀धनगर कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा 1998 में प्रोफेसर एमपी जोशी व डीएस नेगी के संरक्षण में उत्खनन कार्य किया गया!
🏀नैनीपातल(पिथौरागढ) से 1999 में पांच ताम्र मानव आकृतियां प्राप्त हुए!
🏀खेखड से 1982 में प्रागैतिहासिक काल के मृदभांड प्राप्त हुए हैं!
❤याद रखे- कालामाटी डीनापानी महरू उड्यार हथ्वालघोड़ा मल्लापैनाली नामक प्रागैतिहासिक स्थल अल्मोड़ा में स्थित है!
4. ग्वारख्या गुफा की खोज कब हुई थी?
A. 1993
B. 1992
C. 1991
D. 1990
Ans-A
Note-
ग्वारख्या गुफा की खोज चमोली के डूंगरी गांव में अलकनंदा के तट पर 1993 में राकेश जी द्वारा खोजा गया इन शैलचित्रों का मुख्य विषय पशु संस्कृति या पशुओं को हाकता हुआ दिखाया गया है यहां से 41 आकृतियां प्राप्त हुई है!
5. मलारी गांव चमोली के विषय में कौन सा कथन असत्य है?
A. मलारी गांव की गुफा सर्वप्रथम 1956 में शिव प्रसाद डबराल ने खोजी थी!
B. गढ़वाल विश्वविद्यालय ने इसका उत्खनन 1982-83 और 2002 में किया!
C. यहां से आखेट के लिए लौह उपकरण तथा पशु के संपूर्ण कंकाल मिले!
D. मलारी गांव पिंडर नदी के किनारे बसा है!
Ans-D
Note-
❤मलारी गांव से ज्ञात पशु की पहचान हिमालय के वृषभ जुबु(जोबा) से की जा रही है यहां से प्राप्त लोह उपकरण उत्तराखंड के सबसे प्राचीनतम लौह उपकरण माने जाते हैं! यह माछा जनजाति का गांव है! यहां से लोहे का 1 जार भी प्राप्त हुआ
❤किमनी गांव चमोली के थराली के पास पिंडर नदी के किनारे बसा है यहां से सफेद रंग के चित्रित हथियार एवं पशु शैलचित्र मिले है!
6. थापली का उत्खनन किसके निर्देशन में हुआ था?
A. यशोधर मठपाल
B यशवंत सिंह कटोच
C महेश्वर प्रसाद जोशी
D. केपी नौटियाल
Ans-D
थापली का उत्खनन 1982-83 मैं केपी नौटियाल के निर्देशन में हुआ था यहां से लाल व काले रंग के बर्तन प्राप्त हुए हैं यह अलकनंदा के दाएं तट पर स्थित है तथा यहां से धान की खेती के अवशेष भी मिले है!
❤ रणिहाट का उत्खनन भी 1977 में पीके नौटियाल जी ने किया था यहां से एक लोहे का औजार मिला है संभवत इससे यह मछली मारा करते थे!
7. निम्न में से कौन सा स्थल उत्तरकाशी में नहीं है?
A.पुरोला
B. हुडली
C. बनकोट
D. उपयुक्त सभी
Ans-C
Note-
पुरोला उत्तरकाशी में कमल नदी( यमुना की सहायक नदी) के दाएं तट पर है यहां से काले रंग के आलेख प्राप्त हुए हैं जो शंख लिपि में है जिन्हें आज तक पढ़ा नहीं गया है! यहां से पक्की मिट्टी के खिलौने व मनके भी मिले है! यहां से घोड़े की हड्डियों के अवशेष प्राप्त हुए हैं पुरोला से इष्टिका वेदिका भी प्राप्त हुई है जिसका आकार उड़ते हुए गरुड़ के समान है! यहां से पशुओं की बलि के साक्ष्य भी मिले है!
हुडली से नीले रंग के चलचित्र मिले यह भी उत्तरकाशी में स्थित है!
बनकोट पिथौरागढ़ में है जहां से 8 ताम्रमानवाकृतिया मिली है!
8. कालसी अभिलेख में कितने यमन राजाओं का उल्लेख है?
A. 5
B. 6
C. 7
D. 8
Ans-A
कालसी शिलालेख की खोज 1860 में फॉरेस्ट ने की थी यह अभिलेख प्राकृत भाषा में व ब्राह्मी लिपि में लिखा गया!
कालसी को कालकुट सुधनगर( ह्वेनसांग के अनूसार) युगशैल कहा जाता है! कालसी अभिलेख को कॉल सिलाया चित्र शीला भी कहा जाता है यह 10 फीट ऊंची और 8 फुट चौड़ी है इस अभिलेख में अशोक ने इस चित्र को अपरांत तथा यहां के निवासियों को पुलिंद कहा है! किस अभिलेख में हाथी का चित्र मिला है!
कालसी अभिलेख अमलाब नदी के तट पर है जो यमुना की सहायक नदी है यहां से खंडित अवस्था में अभिलेख प्राप्त हुए हैं जिन का खंडन 1254 में नसरुद्दीन मोहम्मद ने किया था!
9. लाखामंडल के विषय में कौन सा कथन सत्य है?
A. लाखामंडल का प्राचीन नाम मढ है!
B. लाखामंडल लेख में इसे उत्तराखंड का सिंहपुर कहां है!
C. यहां से राजकुमार ईश्वर आपके अभिलेख प्राप्त हुए हैं!
D.उपयुक्त सभी सही है
Ans-d
Note-
लाखामंडल से ब्राह्मी लिपि में श्लोक बद्ध संस्कृत लेख प्राप्त हुआ!
Important-
अम्बाडी गांव देहरादून से भद्रमित्र शुंग का अभिलेख प्राप्त हुआ है!
10. त्रिशूल अभिलेख प्राप्त हुए हैं!?
A गोपेश्वर
B. बाडाहाट
C. पिथौरागढ़
D. ए और बी दोनों
Ans-D
Note- त्रिशूल अभिलेख गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर तथा बाडाहाट के शक्ति मंदिर से प्राप्त हुए! गोपेश्वर से प्राप्त लेख में विशुनाग और अशोक चल्ल का नाम मिलता है तथा बाडाहाट के लेख में गुहनाग और अशोक चल्ल का नाम मिलता है त्रिशूल अभिलेख की शंख लिपि है!
11. (कत्यूरी घाटी) अल्मोड़ा बागेश्वर की सीमा से कब 15 सिक्के प्राप्त हुए?
A. 1976
B. 1977
C. 1998
D. 1979
Ans-D
Note-
अल्मोड़ा बागेश्वर की कत्यूरी घाटी से कुणिंद सिक्के प्राप्त हुए!
इन मुद्राओं को 1981 में माहन सिंह द्वारा राजकीय संग्रहालय को दी गई थी!
12. बास्ते ताम्रपत्र का संबंध किस जिले से हैं?
A. पिथौरागढ़
B. चंपावत
C. अल्मोड़ा
D. देहरादून
Ans- A
Note- यह ताम्रपत्र अल्मोड़ा से प्राप्त हुआ यह ताम्रपत्र महाराज आनंदपाल का है इसमें गोरखा सेनानायक मोहन थापा का उल्लेख है!
याद रखो-
वीरभद्र ऋषिकेश को कहा जाता तथा गोविषाण काशीपुर को कहा जाता था!
12. गेरूए रंग की सभ्यता का नगर कहा जाता है?
A. उत्तरकाशी
B. चमोली
C. हरिद्वार
D. इनमें से कोई नहीं
Ans-c
Note- कनखल एवं मायापुरी से प्राप्त पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर हरिद्वार को गेरूऐ रंग की सभ्यता का नगर कहा जाता है!
13. अलकापुरी कहां स्थित है?
A. बद्रीनाथ
B. माणा
C. हरसिल
D. डीडीहाट
Ans-B
Note बद्रीनाथ बस सतोपंथ के मध्य माणा में अलकापुरी स्थित है! इसे कुबेर की राजधानी भी कहा जाता था!
ऋग्वेदिक आर्यों की सिंधु अलकापुरी की अलकनंदा ही थी!
Important-
ऋग्वेद में अलकनंदा के लिए हिरण्यवर्तिनी शब्द का प्रयोग किया गया!
मंदाकिनी का प्राचीन नाम कुंभा था
नयार या नालिका को परूषणि कहा जाता था!
नंदाकिनी का प्राचीन नाम रसा था!
सरस्वती नदी का पुराना नाम बिपाशा था!
14. मनसार मेला उत्तराखंड के किस जिले में लगता है!
A. पौड़ी गढ़वाल
B. टिहरी गढ़वाल
C. चमोली
D. उत्तरकाशी
Ans-A
जन मान्यताओं के अनुसार सीता माता सितोनस्यूं पट्टी पौड़ी में पृथ्वी में समाई थी इसलिए प्रतिवर्ष यहां मनसार मेला लगता है!
15. बाणासुर मंदिर किस जनपद में स्थित है?
A. चंपावत
B. जोशीमठ
C. रुद्रप्रयाग
D. इनमें से कोई नहीं
Ans-C
Likhna h dist.
16. प्राचीन काल में उत्तराखंड में विद्यापीठ थे?
A. बद्रिकाश्रम
B. कण्वाश्रम
C. एबी दोनों
D. इनमें से कोई नहीं
Ans- c
महाभारत के अनुसार पांडवों का जन्म स्थल बद्रीनाथ के पास पांडुकेश्वर में हुआ था!
कण्वाश्रम का वर्तमान नाम चौकाघाट है जो मालिनी नदी के तट पर है जिसका वर्णन कालिदास ने अभियान शाकुंतलम में किया है यही चक्रवर्ती सम्राट अशोक का जन्म हुआ था!
Important-
प्राचीन काल में गढ़वाल में खस जाति के लोग बहुत ताकतवर थे खसो के समय बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार अधिक हुआ था!
रुद्रप्रयाग का प्राचीन नाम पुनाड या रूद्रावर्त है!
17. कुमाऊं क्षेत्र के किस मंदिर से यशु के निवास की पुष्टि होती है?
A. कसार देवी
B. जाखन देवी
C. एबी दोनों
D. खुजली माता मंदिर
Ans-b
जाखण देवी माता मंदिर को पुश्ती माता मंदिर भी जाता है! यहां से यक्षो के निवास की पुष्टि होती है!
कसार देवी मंदिर अल्मोड़ा की कमस्या पहाड़ी पर स्थित है!
खुजली माता मंदिर उधम सिंह नगर जनपद में स्थित है!
18. प्रसिद्ध नाग मंदिर धौलीनाग किस जनपद में स्थित है?
A. पिथौरागढ़
B. बागेश्वर
C. चंपावत
D. उत्तरकाशी
Ans. बागेश्वर
Note. प्रसिद्ध बेरीनाग मंदिर सुंदरी नाग मंदिर पिथौरागढ़ जनपद में स्थित है!
Likhna h. ..
19. उत्तराखंड की सबसे प्राचीन पुरा प्रजाति कौन सी है?
A. कोल
B. किरात
C. खस
D. शौका
Ans- A
Note- शिव प्रसाद डबराल ने कोल को सबसे प्राचीन पूरा प्रजाति का है!
कोल को प्राचीन साहित्य में मुंड या शबर कहा गया है!
कोल मृतक शरीर को खुले में छोड़ देते थे!
कोल लिंग पूजा के साथ नाग पूजा भी करते थे!
इनमें जागर तथा पशु बलि भी प्रचलित थी!
Note-
ग्रियर्सन ने किरातो को उत्तराखंड की सबसे प्राचीन पूरा प्रजाति कहा है!
20. किरातो के आराध्य देव कौन थे?
A. शिव
B. इंद्र
C. प्रजापति
D. विष्णु
Ans-A
किरातों को किर किन्नर किरपुरुष तथा स्कंद पुराण में इन्हें भिल्ल कहा गया है! इनमे! संयुक्त परिवार पाए जाते थे
21. खशो को शुद्र वर्ग में कब रखा गया?
A. 1883
B. 1967
C. 1885
D. 1980
Ans-c
हंस वीर योद्धा थे जिन्हें 1885 में ब्रिटिश काल में शूद्र वर्ग में शामिल किया गया था इन्होंने महाभारत में कौरवों के समर्थन में युद्ध लड़ा था!
इनमें घर जवाई प्रथा, जेठा प्रथा( संपत्ति में बड़े भाई का अधिकार अधिक होगा) , झटेला प्रथा( यदि कोई स्त्री दूसरा विवाह करती है तो पहले पति से उत्पन्न संतान), टेकुआ प्रथा (इस प्रथा में स्त्री वैद्य अवैध तरीके से किसी पुरुष को अपने घर में रख सकती है)
महत्वपूर्ण-
खस अपनी ज्येष्ट पुत्री को मंदिर में दान भी करते थे तथा नरसिंह देवता नाग पूजा और भूत प्रेत की पूजा में विश्वास रखते थे!
22. भोटिया जनजाति को समानता कितने भागों में विभाजित किया गया है?
A. 5
B. 6
C. 3
D. 4
Ans. B
Important-
भोटिया लोगों के समूह को स्थानीय भाषा में कंच कहा जाता था!
रड. बड. नियम भी किसी जनजाति से संबंधित है!
या एक घूमंतू प्रजाति है!
भोटिया वर्षा के देवता घूरमा देवता तथा संपत्ति व्यापार से संबंधित देवता को घबला देवता कहते हैं!
23. अमोघभूति प्रकार की मुद्राएं किस लिपि में थी?
A. खरोष्ठी
B. ब्राह्मी
C. आरमाईक
D. ए और बी दोनों
Ans. D
अमोघभूति की मुद्राएं खरोष्ठी तथा ब्राह्मी लिपि में थी जिनमें रज कुणिंदस अमोघभूतिस महाराजस उत्तीर्ण था! यह मुद्राएं रजत तथा ताम्र दोनों धातु में थी!
24. परवर्ती कुणिंद मुद्राएं कितने प्रकार की थी?
A. 2
B. 3
C. 4
D. 5
Ans- 3
Note- अमोघभूति प्रकार, अल्मोड़ा प्रकार, छत्रेश्वर
25. रमक सूर्य मंदिर कहां है?
A. चंपावत
B. पिथौरागढ़
C. टिहरी
D. अल्मोड़ा
Ans- A
Note- राज्य में सूर्य मंदिर व मूर्तियों का निर्माण शको के काल में हुआ!
प्रमुख सूर्य मंदिर-
अल्मोड़ा के सूर्य मंदिर-
कटारमल (बुटाधारी सूर्य मंदिर)
गुणादित्य सूर्य मंदिर
पिथौरागढ़ के सूर्य मंदिर-
दुगई आगर सूर्य मंदिर (गंगोलीहाट)
भौनादित्य सूर्य मंदिर (गंगोलीहाट)
मढ का सूर्य मंदिर
चौपाटा का सूर्य मंदिर
चंपावत के सूर्य मंदिर-
रमक सूर्य मंदिर (पाटी चंपावत)
आदित्य सूर्य मंदिर
क्यार्क सूर्य मंदिर पौड़ी जनपद में है!
भटवाड़ी और मंजियाली सूर्य मंदिर उत्तरकाशी जनपद में स्थित है!
कुलसारी का सूर्य मंदिर चमोली जनपद में स्थित है!
प्लेठी का सूर्य मंदिर देवप्रयाग टिहरी में स्थित है जिसे कल्याण बर्मन ने बनाया!
कंडारा सूर्य मंदिर रुद्रप्रयाग में है जिसे ललित सुरदेव ने बना है!